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सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए गम्भीरता से काम कियाः सीएम

सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए गम्भीरता से काम कियाः सीएम

लखनऊ, 16 फरवरी। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बीते लगभग 4 वर्षों में राज्य सरकार ने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने एवं प्रदेश के विकास के लिए गम्भीरता से काम किया है। जनता से किए गए वायदों के साथ-साथ कई ऐसी परियोजनाओं पर काम किया गया, जो समाजवादी पार्टी के घोषणा पत्र में नहीं थे, लेकिन प्रदेश के विकास के लिए जरूरी थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किए प्रयासों की बदौलत जल्द ही सूबे की विकास दर दहाई अंकों में पहुंच जाएगी। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी बड़े नगरों में विश्वसनीय शहरी यातायात व्यवस्था के लिए काम कर रही है। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना को अब तक का सबसे तेजी से पूरा होने वाला मेट्रो प्रोजेक्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि शीघ्र ही कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा। इसी प्रकार वाराणसी में भी शीघ्र काम शुरु करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विधान सभा में राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण पर प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के पक्ष में बोल रहे थे। बाद में यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया। राज्य के संतुलित विकास के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रहा है। इसलिए इसका सीधा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण बहुत तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना इसी साल पूरी हो जाएगी, जिससे उद्योग, कारोबार, —षि उत्पाद और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियांे को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी प्रकार आगरा, वृन्दावन-मथुरा, वाराणसी एवं लखनऊ आदि ऐसे शहर हैं, जहां सर्वाधिक देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। इन शहरों की यातायात व्यवस्था सुधारने एवं ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए विश्वस्तरीय परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे को बनाते समय आगरा शहर में होने वाले जाम पर ध्यान नहीं रखा गया। वर्तमान राज्य सरकार नगर को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड बना रही है।
सीएम अखिलेश ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के साधन पैदा करने के लिए मण्डियों, डेरी प्लाण्ट आदि का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में विशेष रूप से अच्छी और सुविधा सम्पन्न मण्डियों की स्थापना की जा रही है। आम एवं आलू के लिए बनाए जाने वाली विशेष मण्डियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से किसानों को अपने उत्पाद सीधे दिल्ली जैसे बड़े शहर तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने का काम किया गया है। किसानों को दुग्ध के लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए शीघ्र ही कानपुर एवं लखनऊ में अमूल डेरी प्लाण्ट कार्य करना शुरु कर देंगे। इसी प्रकार इटावा में मदर डेरी स्थापित हो चुकी है। कामधेनु डेरी परियोजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना में बैंकों का अपेक्षा के अनुरूप सहयोग नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार अब इस मामले में सहकारी बैंकों से मदद लेने पर भी विचार कर रही है। सहकारी बैंकों की मजबूती के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक बैंकों की लगभग 3 हजार से अधिक शाखाएं स्थापित कराईं, जिसके परिणामस्वरूप केन्द्र सरकार द्वारा संचालित जन-धन योजना के तहत सर्वाधिक खाते उत्तर प्रदेश में ही खोले गए।
राज्य सरकार के गांव एवं किसान की बेहतरी के लिए किए जा रहे अन्य कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा शुरु की गई किसान दुर्घटना बीमा योजना की धनराशि को 5 गुना कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना के तहत अभी तक 45 लाख गरीब परिवारों को मदद की जा रही है। अब इस योजना के तहत 10 लाख अतिरिक्त लोगों को भी आच्छादित किया जाएगा। इस योजना में महिला मुखिया को प्राथमिकता देने के फलस्वरूप उनके प्रति परिवार के लोगों का नजरिया बदल रहा है। इसी प्रकार ‘1090’ विमेन पावर लाइन के माध्यम से भी बड़ी संख्या में महिलाओं को समय पर मदद उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप में कमजोर लोगों को गम्भीर बीमारियों से इलाज के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि देश एवं प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों  को इलाज के लिए दिए गए। क्षेत्रीय जनता को सीधे राहत मिल सके, इसलिए विधायक निधि से भी गम्भीर बीमारियों के इलाज के लिए सुविधा प्रदान की गई। इसके बावजूद राज्य सरकार के बड़े चिकित्सा संस्थानों में दबाव बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अधिक से अधिक उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान स्थापित करने का प्रयास कर रही है। जल्द ही लखनऊ में 1000 बिस्तरों वाला कैंसर संस्थान अपनी सेवाएं मरीजों को देना शुरु कर देगा। इससे सबसे अधिक लाभ पूर्वांचल एवं नेपाल के मरीजों को मिलेगा। ‘108’ समाजवादी स्वास्थ्य सेवा तथा ‘102’ नेशनल एम्बुलेन्स सर्विस के तहत संचालित एम्बुलेन्स द्वारा लाखों लोगों को समय से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराकर उनको राहत पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बड़े पैमाने पर प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण करा रही है। चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए निजी एवं सरकारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में मेडिकल काॅलेज स्थापित किए गए। पैरामेडिकल एवं नर्सों की कमी को दूर करने के लिए प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना की जा रही है।
विद्युत व्यवस्था के सुधार के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 11 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 21 हजार मेगावाट विद्युत पैदा करने की क्षमता तक पहुंच रही है। विद्युत वितरण एवं पारेषण व्यवस्था सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर विद्युत उपकेन्द्र स्थापित किए गए हैं। आजमगढ़, मऊ, बहराइच, कानपुर, मैनपुरी तथा रामपुर आदि शहरों की विद्युत लाइन भूमिगत की जा रही है। किसानों को —कषि कार्य हेतु अलग से पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लाइन सेपरेशन का काम चल रहा है। राज्य सरकार ने किसानों, बुनकरों आदि के लिए सस्ती दर पर विद्युत आपूर्ति करने के साथ ही कई विद्युत उत्पादन केन्द्र या तो स्थापित कर चुकी है या उनकी स्थापना के कार्य अग्रिम चरणों में हैं। इसके साथ ही, सौर ऊर्जा नीति बनाकर प्रदेश में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में जितने भी देश विकसित हुए हैं उन्होंने सबसे पहले अपने यहां अच्छी सड़कें बनाने का काम किया। राज्य सरकार भी प्रदेश में बड़े पैमाने पर विश्वस्तरीय सड़कें बनाने का कार्य कर रही है। जिला मुख्यालयों को चार-लेन की सड़कों से जोड़ने की योजना तेजी से चल रही है। गोण्डा, बलरामपुर चार-लेन सड़क को आरसीसी का बनाया जा रहा है। इसे सिद्धार्थनगर तक ले जाया जाएगा। बहराइच से श्रावस्ती एवं हमीरपुर से कालपी की चार-लेन की सड़कों का लोकार्पण किया जा चुका है। प्रदेश में जहां पहले एक सैनिक स्कूल था, वहीं अब अमेठी, मैनपुरी तथा झांसी में भी सैनिक स्कूलों की स्थापना हो रही है। इसके साथ ही, जनपद रामपुर एवं कन्नौज में भी सैनिक स्कूलों की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार को लिखा गया है। राज्य सरकार उनके लिए निःशुल्क जमीन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए किसी भी प्रकार की राजनीति के पक्ष में नहीं रहती। इसीलिए रायबरेली में स्थापित होने वाले एम्स का प्रकरण तत्कालीन राज्य सरकार के समय में लम्बित रहने के बाद वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही निःशुल्क भूमि उपलब्ध करा दी। इसी प्रकार गोरखपुर में स्थापित होने वाले एम्स को निःशुल्क भूमि के अलावा सड़क एवं आवश्यकतानुसार विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना भी कराई जाएगी। अब इस सम्बन्ध में केन्द्र सरकार को शीघ्र निर्णय लेकर कार्य शुरु करा देना चाहिए।
कानून व्यवस्था को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की चाहे जितनी बुराई की जाए, लेकिन यही वह तंत्र है, तो तमाम घटनाओं का खुलासा करके अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को आधुनिक एवं तर्कसंगत बनाने के लिए काम कर रही है। ‘108’ समाजवादी स्वास्थ्य सेवा की तरह ही प्रयास किया जा रहा है कि डायल ‘100’ के माध्यम से पुलिस मौके पर 10 से 15 मिनट के बीच पहुंच जाए। उन्होंने कहा कि मई-जून, 2016 से यह व्यवस्था कार्य करना शुरु कर देगी। इसके साथ ही, पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों के लिए बड़ी संख्या में भर्तियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश की कानून व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आएगा।

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