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मानदेय की मांग को लेकर वित्तविहीन शिक्षक ने किया प्रदर्शन

मानदेय की मांग को लेकर वित्तविहीन शिक्षक ने किया प्रदर्शन
लखनऊ, 29 जनवरी। सूबे की सपा सरकार की वायदा खिलाफी पर वित्तविहीन शिक्षकों शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। विधानभवन का घेराव करने जा रहे सैकड़ों शिक्षकों को पुलिस ने बैरीकेडिंग कर दारूलशफा मेन गेट के आगे रोक लिया। इस दौरान शिक्षकों की पुलिस में कई बार नोकझोंक के बाद धक्कामुक्की चली। शिक्षक शाम करीब चार बजे तक वहीं डटे रहे। ये सभी ‘माध्यमिक शिक्षक संघ’ (वित्तविहीन गुट) के बैनर तले एकजुट हुए थे। मानदेय की मांग को लेकर शुक्रवार को वित्तविहीन शिक्षक दारूलशफा में एकजुट हुए। इसके बाद करीब ग्यारह बजे नारेबाजी करते हुए विधानभवन की ओर बढ़े तो पुलिस ने बैरीकेडिंग कर सभी को रोक लिया। इससे नाराज शिक्षक पुलिस से उलझ गए। इस दरम्यिान शिक्षकों और पुलिस में नोकझोंक के बाद धक्कामुक्की चली। प्रदर्शन के चलते रास्ता बंद होने से हजरतगंज सहित आस-पास के क्षेत्रों में टैªफिक व्यवस्था चरमरा गई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि सात अप्रैल 2015 एनेक्सी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वार्ता से हुई थी। वार्ता में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि 06 माह के अन्दर समस्त प्रक्रिया पूर्ण करते हुए इसी वित्तीय वर्ष में मानदेय प्रदान कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। प्रदेश महासचिव आफताब आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता में वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता की धारा 7क (क) को 7(4) में परिवर्तित करते हुए सेवा नियमावली व सेवा पुस्तिका बनाने, हाईस्कूल की कापियों के मूल्यांकन का दर 6 रू. से बढ़ाकर 8 रू. करने व इण्टर की कापियों के मूल्यांकन का दर 7 रू. से बढ़ाकर 10 रू. करने पर भी सहमति बनी थी। पर सरकार ने वायदा खिलाफ के शिक्षकों को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहंी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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