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कथक व लोक गीतों से सुरमयी हुई शाम

कथक व लोक गीतों से सुरमयी हुई शाम

लखनऊ। दूरदर्शन केंद्र लखनऊ के 41वें स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन कई रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सांस्.तिक कार्यक्रमों के अंतर्गत जहां कथक व लोक गीतों की प्रस्तुति कलाकारों ने दी तो वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने विभिन्न जनपदों से आए किसानों की जिज्ञासाएं शांत की।
कृषि विशेषज्ञों ने प्रदेश भर से पहुंचे किसानों की जिज्ञासा को दूर करते हुए उन्हें खेती में उन्नत .षि के तरीकों को भी बताया। .षि में सामायिक कार्यों की जानकारी किसानों को डा. राजवीर सिंह राठौड़ ने दी। वहीं डा. राजेश वाष्र्णेय ने पशुपालन की जानकारी दी। इसके अलावा डा. एसबी शर्मा ने फल व सब्जियों में सामायिक कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। बैंकों के माध्यम से किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में एक निजी बैंक के प्रबंध निदेशक आलोक दीक्षित ने बताया। .षि, पशु पालन व ऋण की जानकारियों के बाद रंगारंग सांस्.तिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का आगाज श्री.ष्ण की वंदना की प्रस्तुति दीपमाला सचान व उनकी सहयोगियों ने ननद कुमार अष्टकम् शीर्षक से किया।
इसके बाद इन नृत्यांगनाओं की झंकार की प्रस्तुति ने लोगों का दिल जीत लिया। दीपमाला सचान के साथ अदिति थपलियाल, अमीशा तिवारी और रश्मि शुक्ला की कथक की प्रस्तुति दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद बारी लोक गीतों की प्रस्तुति रही। जिसमें संजोली पांडेय, आशा रावत के साथ शंकर यादव और साथियों ने भी लोकगीत व नृत्य प्रस्तुत करके सभी की वाहवाही लूटी।

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