You are here
Home > राजनीति चौसर > नेता नगरी > मायावती ने लोकायुक्त की नियुक्ति का किया स्वागत

मायावती ने लोकायुक्त की नियुक्ति का किया स्वागत

मायावती ने लोकायुक्त की नियुक्ति का किया स्वागत

लखनऊ, 28 जनवरी।  बसपा मुखिया मायावती ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में नये लोकायुक्त की नियुक्ति का स्वागत करते हुये कहा कि प्रदेश की सपा सरकार की तमाम धांधलियों व गलत बयानी के विरूद्ध कोर्ट का यह एक बेहद न्यायोचित फैसला है।
मायावती ने गुरूवार को जारी अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकायुक्त पद पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संजय मिश्र की नियुक्ति एक स्वागत योग्य कदम है। संजय मिश्र एक तटस्थ व ईमानदार जज के रूप में जाने जाते हैं। लोकायुक्त के उच्च पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश  डी.वाई चन्द्रचूड़ व विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य दोनों बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने प्रदेश की सपा सरकार की सुप्रीम कोर्ट के सामने विभिन्न प्रकार की गलतबयानी व तथ्यों को सही तौर पर नहीं रखने के विरूद्ध राज्यपाल को अपना विरोध दर्ज कराया और सपा सरकार की जातिगत कार्यवाही का न्यायालय में सही समय पर पर्दाफाश करके उनके जातिगत खेल को सफल नहीं होने दिया।
बसपा मुखिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आज का न्यायोचित फैसला वास्तव में प्रदेश सपा सरकार व उसके मुखिया की जातिगत राजनीति के विरूद्ध मुंह पर करारा तमाचा है। लोकायुक्त पद व उस पद पर नई नियुक्ति के मामले को राजनीतिक, जातिवादी व विवादित बनाने की सजा प्रदेश सपा सरकार को अवश्य ही मिलनी चाहिये। मायावती ने कहा कि इसके साथ ही आज के इस फैसले से प्रदेश सपा सरकार को यह सबक लेना चाहिये कि कम से कम संविधान व संवैधानिक पदों के मामलो में वैसी मनमानी व खिलवाड़ नहीं करना चाहिये जैसा कि वह प्रदेश के सर्वसमाज में से खासकर गरीबों, दलितों, अन्य पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि के मामले में अब तक करती चली आ रही है

सपा-बसपा लोकायुक्त नियुक्ति पर जनता से माफी मांगे-भाजपा

वहीं दूसरी ओर भाजपा ने उच्चतम न्यायालय द्वारा उ.प्र के लोकायुक्त की नियुक्ति के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शासन चला पाने में पूरी तरह अक्षम सिद्ध हो चुकी अखिलेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर आईना दिखाया है।
प्रदेश प्रवक्ता चन्द्रमोहन ने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाली सरकार भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोपों में घिरी है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव भी दर्जनों बार सार्वजनिक स्वीकारोक्ति कर चुके हैं कि अखिलेश मंत्रीमण्डल के आधे से अधिक मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त है, यही कारण है कि अखिलेश सरकार एक सशक्त, निष्पक्ष लोकायुक्त की नियुक्ति में बाधा खड़ी कर रही थी। प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने भ्रष्टाचार की करतूतों पर पर्दा डालने के लिए निकट सम्बन्धी को ही लोकायुक्त बनाने की जिद पाले हुए थे और बसपा भी इस खेल में शामिल थी। सपा और बसपा लोकायुक्त नियुक्ति पर प्रदेश की जनता से माफी मांगे। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि लोकायुक्त मसले पर पूरे देश में प्रदेश की छवि खराब हो रही थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नवनियुक्त लोकायुक्त के आने से आमजन मानस को संतुष्टि मिलेगी और भ्रष्टाचार के सत्ता संरक्षण पर भी अंकुश लगेगा।

Leave a Reply

Top
%d bloggers like this: